कोरबा। छत्तीसगढ़ की समृद्ध संगीत परंपरा, लोक संस्कृति और बदलते दौर में संगीत की भूमिका को लेकर पंडित शिवराज शर्मा से विशेष बातचीत हुई। उन्होंने संगीत की पारंपरिक विधाओं को सहेजने, नई पीढ़ी को इससे जोड़ने और बदलते समय के साथ संगीत के स्वरूप में आए बदलावों पर अपने विचार साझा किए।

उन्होंने कहा कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। लोक संगीत और शास्त्रीय परंपराओं के संरक्षण के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों से भी बच्चों को संगीत की ओर प्रोत्साहित करने की अपील की।
शर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक और बदलते संगीत के दौर में पारंपरिक संगीत की पहचान बनाए रखना चुनौती जरूर है, लेकिन सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास से नई पीढ़ी इस विरासत को आगे बढ़ा सकती है।






