सेवा सेतु शिविरों ने गांव से शहर तक पहुंचाई जनकल्याणकारी सेवाएं

हितवाद टाइम्स कोरबा – उपलब्ध शिविरवार संकलन के अनुसार, जिले में दर्ज 16 शिविरों में कुल 1,945 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 1,321 आवेदनों का निराकरण किया गया, जबकि 624 आवेदन लंबित रहे। इस प्रकार दर्ज आवेदनों में से लगभग 68 प्रतिशत का निराकरण शिविरों के दौरान या संकलन की तारीख तक किया जा चुका था। लंबित मामलों में संबंधित विभागों से परीक्षण, निर्माण कार्यों के प्रस्ताव और अन्य विभागीय कार्रवाई की जरूरत वाले आवेदन शामिल हैं।
कोरबा नगर निगम क्षेत्र में सात शिविर आयोजित किए गए। इनमें टी.पी. नगर, कोरबा जोन, कोसाबाड़ी, पं. रविशंकर शुक्ल नगर, बालको नगर, दर्री और सर्वमंगला नगर जोन शामिल थे। इन शिविरों में 786 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 247 का निराकरण किया गया।
अन्य निकायों और जनपद पंचायतों में भी शिविरों के माध्यम से आवेदन और समस्याएं दर्ज की गईं। दीपका नगर पालिका के शिविर में 72 में से 70 आवेदन निराकृत हुए, कटघोरा नगर पालिका के शिविर में सभी 89 आवेदनों का निराकरण किया गया। बांकीमोंगरा नगर पालिका में 62 में से 56 और छुरीकला नगर पंचायत में 15 में से 13 आवेदन निराकृत हुए। पाली नगर पंचायत में 57 में से 52 आवेदन निराकृत किए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौके पर कार्रवाई
जनपद पंचायत क्षेत्रों के शिविरों में भी लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। जनपद पंचायत पाली के सैला शिविर में प्राप्त सभी 133 आवेदनों का निराकरण किया गया। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के सिंघिया में 436 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 429 का निराकरण हुआ। कटघोरा जनपद पंचायत के कसाईपाली शिविर में 102 में से 94 और करतला जनपद पंचायत के कराईनारा शिविर में 86 में से 72 आवेदन निराकृत किए गए। जनपद पंचायत कोरबा के शिविर में 107 में से 66 आवेदन निराकृत हुए।

इन आंकड़ों में हर आवेदन के साथ किसी नागरिक की जरूरत जुड़ी है, किसी को योजना की पात्रता और प्रक्रिया समझनी थी, तो किसी को राजस्व दस्तावेज, आवास या विभागीय सेवा की आवश्यकता थी। शिविरों ने इन जरूरतों को सुनने, संबंधित विभाग तक पहुंचाने और कार्रवाई की स्थिति जानने का एक साझा मंच उपलब्ध कराया।
जनप्रतिनिधियों की सहभागिता
सेवा सेतु शिविरों में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न स्थानों पर सहभागिता की। शिविरों में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों से आवेदन प्राप्त किए तथा योजनाओं और सेवाओं से जुड़ी जानकारी दी।
शिविर में आवेदन प्राप्त होना समाधान की दिशा में पहला कदम है। उसका समय पर निराकरण, लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा और हितग्राहियों तक स्वीकृत लाभ पहुंचाना इस प्रयास को सार्थक बनाता है।